‘खांदेरी’ के शामिल होने के बाद भारतीय नौसेना की ताकत कई गुना तक बढ़ गई है, जानिए इसकी ताकत

सममरीन पानी में हो या सतह पर दोनो ही स्थितियों में इसकी ट्यूब प्रणाली एंटी सिप मिसाइल लॉन्‍च कर सकती है। सबमरीन को ऐसे डिजाइन किया गया है कि वो हर जगह चल सके।

6449

देश की सुरक्षा में हमेशा तत्पर भारतीय नौसेना की ताकत अब और बढ़ गयी है, कालवरी श्रेणी की दूसरी पनडुब्बी खांदेरी को नौसेना में शामिल किया गया है l माना जा रहा है कि खांदेरी के शामिल होने के बाद भारतीय नौसेना की ताकत कई गुना तक बढ़ गई है। केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री सुभाष भामरे ने इस समारोह की अध्यक्षता की। कलवरी और खंडेरी पनडुब्बियां आधुनिक फीचर्स से लैस है। यह दुश्मन की नजरों से बचकर सटीक निशाना लगा सकती हैं। खांदेरी पनडुब्बी का निर्माण मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड ने फ्रांस के साथ मिलकर किया है l

Source

इस सीरीज की पहली पनडुब्बी कलवरी को पिछले साल अप्रैल में लॉन्च किया गया था। यह किसी भी अन्य आधुनिक पनडुब्बी द्वारा अंजाम दिए जाने वाले विभिन्न प्रकार के अभियानों को अंजाम दे सकती है। इन अभियानों में सतह-रोधी युद्धक क्षमता, पनडुब्बी रोधी युद्धक क्षमता, खुफिया जानकारी जुटाना, क्षेत्र की निगरानी करना शामिल है। एक रक्षा अधिकारी ने कहा कि खान्देरी उन छह पनडुब्बियों में से दूसरी पनडुब्बी है, जिसका निर्माण एमडीएल में फ्रांस की मेसर्स डीसीएनएस के साथ मिलकर किया जा रहा है। यह भारतीय नौसेना के प्रोजेक्ट 75 का हिस्सा है। भारतीय नौसेना की पनडुब्बी शाखा को इस साल आठ दिसंबर को 50 साल पूरे हो जाएंगे।

आगे पढ़िए क्या इसकी खासियत और इसका नाम खांदेरी क्यों रखा गया…

1 of 2

Loading...
Loading...