क्या चीन चौतरफा घेर रहा है भारत को?

भारत ने हमेशा से ही कहा है कि वो कभी भी किसी भी तरह की परमाणु युद्ध की शुरुआत सामने से नहीं करेगा लेकिन फिर भी अगर चीन या पाकिस्तान ने ऐसा कुछ करने का मन बना लिया तो भारत कहीं से भी इनसे कमज़ोर नहीं पड़ेगा

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चीन की एक परमाणु क्षमता वाली पनडुब्बी पाकिस्तान के एक बंदरगाह पर दिखाई दी है। इस बात की जानकारी शुक्रवार को सूत्रों के हवाले से मिली। ऐसे में पाकिस्तान के बंदरगाह पर चीन की पनडुब्बी का नजर आना कई सवालों को जन्म दे रहा है। चीन की जो पनडुब्बी पाकिस्तानी बंदरगाह पर देखी गई है वो अत्याधुनिक पनडुब्बी है और परमाणु क्षमता से भी लैस है। इस पनडुब्बी की तस्वीर गूगल अर्थ ने 2016 में ली थी। कराची से मिली इस तस्वीर, जिसे सबसे पहले सैटेलाइट इमेजरी एक्सपर्ट (जिनका ट्विटर हैंडल @rajfortyseven है) ने ढूंढा, में चीनी नौसेना की टाइप 091 ‘हान’ क्लास लड़ाकू पनडुब्बी को साफ देखा जा सकता है|

इस तस्वीर को गूगल अर्थ की हिस्टॉरिकल इमेजरी आइकॉन पर क्लिक कर देखा जा सकता है|

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जानकारों के मुताबिक तस्वीर में दिख रही पनडुब्बी चीनी बेड़े के सबसे आधुनिक पनडुब्बियों में से एक है। पाकिस्तान के बंदरगाह पर जो पनडुब्बी देखी गई उसे ही जून 2016 में मलय और सुमात्रा के बीच समुद्रीय नहर को पार करते हुए देखा गया था। नियम के मुताबिक किसी भी पनडुब्बी को जलडमरुमध्य को पार करते वक्त समुद्र की सतह पर आना जरुरी है। सूत्रों के मुताबिक ये बात भी सामने आई है कि चीन और पाकिस्तान के बीच 8 पनडुब्बियों का सौदा हुआ है। इनमें से 4 पनडुब्बियां कराची में तैयार की जाएगी। 2023 के आखिर तक 4 पनडुब्बियों की खेप पाकिस्तान को मिलने की उम्मीद है।

पाकिस्तान में चीनी पनडुब्बी के दिखने की खबर पर नौसेना प्रमुख ऐडमिरल सुनील लांबा ने कहा है कि, “इस पूरे घटनाक्रम पर बारीक नजर रखी जा रही है।”

यहाँ हम आपको बता दें यह कोई पहली बार नहीं है जब भारत के खिलाफ चीन के मंसूबे सामने आये हैं, इससे पहले भी समय-समय पर भारत को चीन चौतरफा घेरने की फिराक में दिखते नज़र आया है और इसमें पाकिस्तान उसकी मदद कर रहा है। चीन की हमेशा से मंशा थी कि वह अरब सागर में एक सामरिक धुरी कायम करे और ग्वादर ने उसे यह आकर्षक विकल्प मुहैया कराया है। चीन शुक्रवार को अपने ग्वादर पोर्ट (बंदरगाह) का निर्माण एवं विकास कार्य की जिम्मा सौंपा। इससे भारत की पश्चिमी सीमा में भी चीन का दखल हो गया है। देश की पूर्वी सीमा पर चीन बंगाल की खाड़ी और दक्षिण में हिंद महासागर में पहले ही अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुका है। उत्तर में पाक अधिकृत कश्मीर में भी वह निर्माण कार्यों में जुटा है|
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लेकिन यहाँ एक अहम सवाल ये भी खड़ा होता है कि क्या भारत, पाकिस्तान और चीन के इन गंदे मंसूबो से टक्कर लेने के लिए तैयार है भी या नहीं? तो हम आपको यहं बता दें कि यूँ तो भारत ने हमेशा से ही कहा है कि वो कभी भी किसी भी तरह की परमाणु युद्ध की शुरुआत सामने से नहीं करेगा लेकिन फिर भी अगर चीन या पाकिस्तान ने ऐसा कुछ करने का मन बना लिया तो भारत कहीं से भी इनसे कमज़ोर नहीं पड़ेगा| भारत की इन परमाणु ताकतों पर हम एक नज़र डाले तो K-4 मिसाइल का नाम सबसे पहले आता है, जिसे भारत ने बरसो की मेहनत से तैयार कर लिया है|
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K-4 मिसाइल को परमाणु पनडुब्बी अरिहंत से दागा जा सकता है| ये मिसाइल 12 मीटर लंबी है और भारत पर परमाणु हमला होने की सूरत में दुश्मन का खात्मा करने के लिए इस्तेमाल में लाई जा सकती है| हम यहाँ एक बात और बता दें कि K-4 मिसाइल के सफल परिक्षण के बाद अब भारत समुद्र की गहराई से पनडुब्बी से बैलिस्टिक मिसाइल फायर करने वाला पांचवा देश बन चुका है| इससे पहले सिर्फ अमेरिका, रूस, चीन और फ्रांस के पास ये ताकत थी|

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