इतनी आसान नहीं होती है ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ और इसकी ट्रेनिंग जितना आप घरों में बैठकर सुनते हैं

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कल जिस तरह सेना के जवानों ने पाकिस्तान को उसी के घर में घुसकर धुल चटाई है, और भारत में हुए पिछले हमलों का बदला लिया है वो करना आसान नहीं था l जिन भारतीय जवानों ने इस मिशन को अंजाम दिया वो भारतीय सेना के सबसे बेहतरीन जवान माने जाते हैं इसीलिए इन्हें ‘स्पेशल फोर्स’ भी कहा जाता है l जब भी कोई जवान सेना में भर्ती होता है तो उसके पास ‘स्पेशल फोर्स’ में भर्ती होने का ऑप्शन होता है l 2 महीने के प्रोबेशन पीरियड में जवानों को परखा जाता है कि वो ‘सर्जिकल स्ट्राइक जैसे ऑपरेशन को अंजाम दे सकते हैं या नहींl इस प्रोबेशन पीरियड में उन्हें कठोर ट्रेनिंग से गुजरना होता है l

हर दिन जवानों को 20 से 22 घंटे तक की ट्रेनिग दी जाती है l इसमें 3 से 4 किलोमीटर तक सड़कों पर मुट्ठी के बल चलना पड़ता है l इस दौरान उनका मानसिक उत्पीड़न भी किया जाता है जिससे वो मानसिक स्तर पर मजबूत हो l जवानों को दी जाने वाली ट्रेनिंग इतनी कठिन होती है इसका अंदाज़ा आप इस बात से लगा हैं की ट्रेनिंग के दौरान उन्हें कांच खाने को दिया जाता है , सांपों को हाथ से पकड़ना l जवानों को 10 किमो. भागने के लिए 1 घंटा 20 मिनट दिया जाता है l

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किस जवान को क्या और कौन सा काम देना है ये इसके लिए जवानों को ड्राइविंग, डिमोलिशन, बैटल फील्ड नर्सिंग असिस्टेंस, कम्यूनिकेशन सिखाया जाता है l फाइनल लेवल पर आकर जवानों को जंगल में अकेला छोड़ दिया जाता है साथ ही उन्हें एक गुप्त काम दिया जाता है l अगर काम में कोई गलती हो जाए तो जवानों को फिर से वही काम शुरआत से करना होता है l

ट्रेनिंग के दौरान इस अग्नि परीक्षा से गुजरते हैं जवान वीडियो के लिए क्लिक करें अगले पेज पर…