‘आज़ाद हिन्द फ़ौज’ का सिपाही, आज भीख मांगने को मजबूर

602259

आज हम आज़ादी का मजा लेते हुए अपने घरों में बड़े-बड़े मुद्दों को बड़ी आसानी से बहस में उड़ा देते है, लेकिन कभी सोचा है कि जिन्होंने अपनी जान की परवाह ना करते हुए देश को आज़ाद कराया, उनमें से जो जिंदा हैं, वो किस हाल में हैं ?

Source
Source

ये हैं झाँसी के रहने वाले श्रीपत जी, 90 साल से भी ज्यादा की उम्र पार कर चुके श्रीपत जी झाँसी में दिए गये नेताजी सुभाषचंद्र बोस जी के भाषण से प्रभावित होकर आज़ाद हिन्द सेना में शामिल हुए थे l

श्रीपत जी अपनी जान की परवाह किये बिना देश की आज़ादी के लिए लड़े, देश तो आज़ाद हो गया, लेकिन वो खुद हालातों के हाथों गुलाम हो गये, और गुलाम भी ऐसे हुए कि आज उन्हें अपनी जिंदगी गुजारने के लिए भीख तक मांगनी पड़ रही है l

आगे पढ़ें, बेटे की ऐसी करतूत, भीख मांगने को किया मजबूर