साथी पत्रकार ने खोल दी रवीश कुमार की पोल, आप भी देखिए रवीश कुमार की सच्चाई

4302

रवीश कुमार अक्सर प्रधानमंत्री को घेरते हुए नजर आते है. खुद को बेहद साधारण और गरीब दिखाने वाले रवीश कुमार प्रधानमंत्री पर ऊँगली उठाने का कोई मौका नही जाने देते. रवीश कुमार के दोहरे रवैये को खुलासा एक उनके ही साथी पत्रकार ने किया हैं. रवीश कुमार ने कुछ दिन पहले कहा था कि नौकरी जाने के बाद वो सड़क पर आ जायेंगे. इसी बात पर उनके साथी पत्रकार ने भी एक पोस्ट लिखकर रवीश की पोल खोलते हुए बताया है कि रवीश कुमार महीने में लगभग 8 लाख और साल में लगभग 1 करोड़ कमाते है इसके बाद भी पीएम मोदी से कहते है वो रोड पर आ जायेंगे. इस तरह के कई खुलासे इस पोस्ट में किये गये हैं.

दरअसल बीच में एक खबर आई थी कि जिस चैनल पर रवीश कुमार अपना ज्ञान देते हैं, यानी कि NDTV, उस चैनल को भाजपा के करीबी शख्स अजय सिंह ने खरीद लिया है लेकिन कुछ बाद में इस खबर का दम निकल गया और खुद NDTV और अजय सिंह ने भी इस खबर को गलत बताया. रवीश कुमार ने इस खबर का भी जिक्र अपनी इस चिट्ठी में लिखा है. उन्होंने लिखा है कि ‘कैसे लोग उनका मजाक बना रहे थे कि अब रवीश कुमार का क्या होगा, चैनल तो चला गया तो रवीश कुमार क्या करेंगे, वगैरह..वगैरह ?’ इस चिट्ठी में मोदी और उनके समर्थकों को लेकर उन्होंने लिखा है कि “आज कल हर दूसरा ये कहकर निकल जाता है कि जल्दी ही आपकी कृपा से सड़क पर आने वाला हूं.”  रविश कुमार की इसी बात की सच्चाई बताते हुए पूर्व NDTV पत्रकार सुशांत सिन्हा ने लिखा कि, आप और आपका परिवार सड़क पर कैसे आएगा रविश जी जबकि….”

पढ़िए सुशांत सिन्हा के खुले खत का एक अंश

“आपकी चिठ्ठी पढ़कर जो पहला सवाल मन में आया था वो ये कि आपको बेरोज़गार होकर सड़क पर आ जाने की चिंता सता भी कैसे सकती है? आपकी तन्खवाह लाखों में हैं. अगर गलत नहीं हूं तो करीब 8 लाख रुपए प्रति महीने के आसपास. यानि साल का करीब करीब करीब 1 करोड़ रुपया कमा लेते हैं आप. सुना है आपकी पत्नी भी नौकरी करती हैं. यानि आपके घर बैठने की नौबत भी आई तो वो घर चला ही लेंगीं. और दोनों घर बैठे तो भी साल के करोड़ रुपए की कमाई से आपने इतना तो बचा ही लिया होगा कि आप सड़क पर न आ जाएं. इतने पैसे की सेविंग को फिक्स भी कर दिया होगा तो भी इतना पैसा हर महीने आ जाएगा जितना मीडिया में कईयों की सैलरी नहीं होती. पैसा घर चलाने भर नहीं बल्कि सामान्य से ऊपर की श्रेणी का जीवन जीने के लिए आएगा. अब अगर आपकी जीवन शैली किसी अरबपति जैसी हो गई है कि लाख-दो लाख रुपए प्रति महीने की कमाई से काम नहीं चलेगा तो कह नहीं सकता, लेकिन घबराने की तो कतई ज़रुरत नहीं है. आप खुद भी चाहें तो भी आप और आपके बच्चे सड़क पर नहीं आ सकते और कुछ नहीं तो मेरे जैसे कई पूर्व सहकर्मी हैं हीं आपकी मदद के लिए.”

(सुशांत सिन्हा का पूरा ख़त पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें)

सिर्फ इतना ही नहीं अपने इस खुले ख़त में सुशांत सिन्हा ने कई सारी ऐसी बातें बतायीं हैं जिन्हें जानकर आपको  भी यकीन हो जायेगा कि रविश कुमार जो हर वक़्त पीएम मोदी पर निशाना साधते हैं उसकी असल वजह क्या है? इस ख़त में सुशांत सिन्हा ने सिर्फ यही नहीं रविश कुमार की कई ऐसी बातें भी बता डाली हैं जिसको पढ़कर आपको भी यकीन हो जायेगा कि रविश कुमार की ‘सच्ची पत्रकारिता’ सिर्फ उनसे शुरू होकर उनपर ही ख़त्म हो जाती है.  इस खुले खत के अंत में सुशांत सिन्हा ने लिखा है कि रविश जी हो सके तो इस चिठ्ठी का जवाब भी मत दीजिएगा क्योंकि अभी आप बीमार हैं, आप इस चिठ्ठी को भी अपनी मार्केटिंग का जरीया बनाने लग जाइएगा बिना सोचे समझे, इसलिए इसका प्रिंट आउट तकीए के नीचे रखकर सो जाइएगा औऱ गाहे बगाहे पढ़ लीजिएगा. आपके ठीक होने की कामना करता हूँ. आपका साथी पत्रकार सुशांत सिन्हा.