पाकिस्तान में नहीं मिला इंसाफ तो मेहदी हसन के बेटों ने मोदी सरकार से कर डाली अपील कहा, अब आप ही..

मोदी सरकार से की मेहदी हसन के बेटों ने अपील.

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पाकिस्तान सरकार के निकम्मेपन के बारे में सारी दुनिया जानती है. पाकिस्तान की दुनिया से भी झूठ बोलती है और अपनी अवाम से भी वो अपनी आवाम से वादे तो बहुत सारे करते हैं लेकिन उसे पूरा करने में वो हमेशा चूक जाते हैं. आम लोगों को तो छोड़ दें पाकिस्तान सरकार वहां के प्रतिष्ठित लोगों के बारे में भी कुछ नहीं सोचती. ऐसा ही कुछ हुआ है पाकिस्तान के जाने माने गज़ल गायक के साथ भी. मेहदी हसन अब इस दुनिया में नहीं हैं और उनके बेटे चाहते हैं कि उनकी याद में एक संग्रहालय बनाया जाए.

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पिछले पांच साल से मेहदी हसन की मजार और उनकी याद में संग्रहालय बनने का इंतजार कर रहे उनके बेटों की उम्मीद ने अब दम तोड़ दिया है. इसलिए अब हार कर उन्होंने भारत की मोदी सरकार से अपील कर दी है. मेहदी हसन के बेटे चाहते हैं कि भारत सरकार उनकी आर्थिक मदद करे.  शहंशाह ए ग़ज़ल मेहदी हसन का जन्म राजस्थान के झुंझनू जिले के लूना गांव में 1927 में हुआ था लेकिन विभाजन के बाद उनका परिवार पाकिस्तान जा कर बस गया था.

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13 जून 2012 में मेहदी हसन ने पाकिस्तान के आगा खान अस्पताल में अंतिम सांस ली थी. उनके इंतकाल के बाद पाकिस्तान में सिंध प्रांत की सरकार और पाकिस्तान सरकार ने उनकी याद में मजार और संग्रहालय बनाने का वादा किया था लेकिन अभी तक पूरा नहीं किया. हसन के बेटे आरिफ मेहदी ने कहा, ‘अब्बा के इंतकाल के बाद सिंध सरकार और पाकिस्तान सरकार ने वादा किया था कि एक साल के भीतर मजार बनाएंगे लेकिन अभी तक सिर्फ कब्र के पास बाउंड्री बनी है.  आसपास गटर का पानी भरा है और बच्चे यहां क्रिकेट खेलते हैं. लोगों ने बकरियां पाल रखी है और यह जगह नशेड़ियों का अड्डा बन गई है.’

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उन्होंने कहा, ‘हमने पांच साल इंतजार किया और तमाम दफ्तरों की खाक छानी. अब हम थक गए हैं और भारत सरकार से अपील करते हैं कि उनकी मजार बनाने में आथर्कि मदद करे चूंकि हसन साब की पैदाइश भारत की है और उनके वहां बड़े मुरीद हैं.’

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