जब रामनाथ कोविंद को पता चला था कि वो राष्ट्रपति बनने वाले हैं तो सबसे पहले इन्हें फ़ोन करके कहा…

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नरेंद्र मोदी ने बिहार के गवर्नर रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाकर फिर चौंकाया है। सबकुछ ठीक रहा तो के.आर. नारायणन के बाद वे देश के दूसरे और उत्तर भारत से पहले दलित राष्ट्रपति होंगे। दरअसल, अप्रैल में नीत आयोग की बैठक से इतर भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में ही तय हो गया था कि पार्टी दलित चेहरे को ही राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाएगी।

वहीँ आपको बता दें कि बात सिर्फ एक महीने पहले की है, जब बिहार के गवर्नर राम नाथ कोविंद को शिमला स्थित भारत के राष्ट्रपति के आधिकारिक निवास ‘द रिट्रीट’ में घुसने नहीं दिया गया था। सुरक्षा अधिकारियों ने उनसे कहा था कि कोविंद के पास राष्ट्रपति के दफ्तर से जरूरी मंजूरी नहीं है। किसे अंदाजा था कि कुछ दिनों बाद ही कोविंद बीजेपी की अगुआई वाले एनडीए की ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार होंगे? वहीँ आज कोविंद को उम्मीदवार बनाकर पार्टी ने दलित वोटों पर निशाना साधा है। साथ ही विपक्ष को भी विरोध न करने की स्थिति में ला खड़ा कर दिया है। कुछ लोगों का तो यह भी कहना है कि रामनाथ राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार होंगे यह बात मई में ही तय हो चुकी थी…

अगले पेज पर जानें क्या थी असली वजह और क्यों मई  में ही रामनाथ कोविंद राष्ट्रपति बनाने का पूरा मन बना लिया था पीएम मोदी ने…