अपने माँ-बाप को खो चुके इन दोनों ही बच्चों ने पीएम मोदी से उम्मीद की आस में ख़त लिखा था, लेकिन बदले में जो उत्तर मिला…

बच्चों ने कोटा बाल कल्याण विकास कमेटी ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से नोट बदलवाने की गुजारिश भी की थी लेकिन यहाँ भी कुछ नहीं हो सका

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दोनों मासूम जब अपने माँ-बाप की मौत के सदमे से बाहर निकले तो उन्हें उन पैसों के बारे में पता चला जो उनकी माँ अपने पीछे छोड़ कर गयी थी लेकिन बच्चों को यकीन था कि अब वो पैसे उनके किसी भी काम नहीं आने वाले क्यूंकि वो 1000 और 500 के पुराने नोट हैं और पुराने नोट बदलने की तारीख़ भी अबतक निकल चुकी थी|

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पैसों की ज़रूरत थी तो बच्चों ने कोटा बाल कल्याण विकास कमेटी ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से नोट बदलवाने की गुजारिश भी की थी लेकिन यहाँ भी कुछ नहीं हो सका और उनके हाथ निराशा ही लगी। ऐसे में आखिरी कोशिश करते हुए फिर बच्चों ने पीएम मोदी को पत्र लिखा। इस उम्मीद में कि पीएम उनकी कुछ मदद ज़रूर करेंगे| बच्चों ने 25 मार्च को पीएम मोदी को पत्र लिखा था।

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…लेकिन बच्चों का खत पीएम मोदी तक पहुंचा तो बिना वक़्त बर्बाद किये हुए पीएम ने न सिर्फ बच्चों को पचास हजार रुपए भेजे बल्कि उन्होंने बच्चों के एक पत्र भी लिखा। बच्चों को भेजे गए पत्र में मोदी ने लिखा कि, “आपके बारे में सुनकर काफी दुख हुआ। मैं जानता हूं कि दी गई राशि और बीमा आपकी सभी समस्याओं का समाधान नहीं कर सकते लेकिन कई हद तक कम जरूर कर सकते हैं।”

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यहाँ ये बात भी बता दें कि पीएम मोदी ने 50,000 रुपये, और ख़त के साथ ही उन बच्चों के लिए कुछ ऐसा भी किया है जिसके बारे में जानकर आप को भी यकीन हो जायेगा कि पीएम मोदी तक पहुँचने वाली हर शिकायत, हर गुहार की सुनवाई ज़रूर ही होती है| दरअसल पीएम मोदी ने बच्चों के लिए प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत दोनों बच्चों का जीवन बीमा भी कराया है| यहाँ तक कि उसका 1 साल का भुगतान भी पीएम मोदी ने कर दिया है|