26 जून को मोदी की इस चाल से घुटने टेकने को मजबूर हो जाएगा चीन…

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विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र भारत और विश्व का सबसे ताकतवर देश अमेरिका के नेता जब एक दुसरे के सामने होंगे तो विश्व की निगाहें इस मुलाकात पर होंगी. यह मुलाकात चाइना को जलाने के लिए पर्याप्त होगी. अमेरिका चाहता है कि एशिया में भारत के साथ मिलकर दक्षिण सागर क्षेत्र में चाइना की दादागिरी को कम किया जा सके. भारतीय विदेश मंत्रालय ने प्रेस रिलीज जारी करके कहा है कि यह पीएम मोदी जी की तीन दिवसीय आधिकारिक विदेश यात्रा होगी और इस मुलाकात में प्रशांत महासागर का मुद्दा शामिल किया गया है.

26 जून को पहली बार अमेरिका के वाशिंगटन में नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के साथ मुलाकात होने वाली है. इस मुलाकात पर सबसे ज्यादा नजर रहेगी चाइना की. मोदी और ट्रम्प की मुलाकात में इंडो पेसिफिक मुद्दे पर बात की जाएगी. प्रशांत महासागर का काफी हिस्से पर चाइना अपना कब्ज़ा दिखाता है. प्रशांत महासागर मुद्दे पर ट्रम्प और मोदी जी के बीच सहमति बनने से चाइना की दादागिरी को कम किया जा सकता है.

अगले पेज पर जानिए ट्रम्प-मोदी की मुलाकात चीन के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं…. 

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