भारत में एक रॉ एजेंट ऐसा भी था जिसके एक फ़ोन कॉल पर थर-थर कांपते थे दुश्मन…

आपको बता दें कि रॉ यानि 'रिसर्च एंड एनालिसिस विंग' से कुलभूषण जाधव का कोई भी ताल्लुक नहीं था मगर इसकी शुरुआत किसने की थी शायद ही आप जानते हो...

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भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने मौत की सज़ा सुनाई है| कुलभूषण पर पाकिस्तान आर्मी कानून के तहत मुक़दमा चलाया गया है| पाकिस्तान लगातार ये दावा कर रहा है कि कुलभूषण रॉ के एजेंट हैं| हालांकि भारत पहले ही साफ़ कर चुका है कि कुलभूषण रॉ एजेंट नहीं हैं बल्कि वो भारतीय नौसेना के रिटायर्ड अधिकारी ज़रूर हैं, लेकिन वो किसी भी रूप से सरकार से नहीं जुड़े हुए हैं|

आपको बता दें कि रॉ यानि ‘रिसर्च एंड एनालिसिस विंग’ से कुलभूषण जाधव का कोई भी ताल्लुक नहीं था मगर इसकी शुरुआत किसने की थी शायद ही आप जानते हो| जी हाँ रॉ यानि ‘रिसर्च एंड एनालिसिस विंग’ की शुरुआत रामेश्वर नाथ काव ने की थी। बात उस वक़्त की है जब भारत-इजरायल के बीच रिश्ते न के बराबर थे तब काव ने ही उस दौर में इजरायली इंटेलिजेंस एजेंसी मोसाद से सीक्रेट कॉन्टेक्ट बनाए थे| चीन और पाकिस्तान से वॉर के बाद से ही भारत को रॉ की ज़रूरत महसूस हुई थी|

अगले पेज पर जानें रामेश्वर नाथ काव की वो खासियत जिसनें उन्हें बनाया है भारत के लिए इतना ख़ास… 

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