क्रांति के इतिहास का वो वीर जिसने जलाई थी क्रांति की पहली अलख और अकेले ही हिला दी थी अंग्रेजी हुकूमत की नींव…

वीर मंगल पाण्डे ब्रिटिश सेना के वो पहले सिपाही थे जिन्होंने किसी अंग्रेज अधिकारी पर गोली चलाने का साहस किया था...

3895

वीर मंगल पाण्डे ब्रिटिश सेना के वो पहले सिपाही थे, जिन्होंने किसी अंग्रेज अधिकारी पर गोली चलाने का साहस किया और दो सशस्त्र अंग्रेज अधिकारियों को मार गिराया था। मंगल पाण्डे द्वारा ऐसा करने के बाद अंग्रेजों के दिलों दिमाग पर मंगल पाण्डे का खौफ इस कदर छा गया था, कि उनकी पत्नियां बैरकपुर से कलकत्ता भाग गईं थीं। अंग्रेज अफसरों को तो हर भारतीय सिपाही मंगल पांडे की जमात का ही दिखता था। आज ही के दिन 8 अप्रैल सन 1857 में अंग्रेजों द्वारा उन्हें फांसी पर चढ़ा दिया गया थाl 30 जनवरी 1827 को उत्तरप्रदेश के बलिया जिला के नगवां गांव में जन्मे मंगल पांडेय कोलकाता के निकट बैरकपुर में अंगेजों की छावनी में तैनात थेl मंगल पाण्डे ने छावनी के अन्दर ही अकेले बीच मैदान में ललकार कर दो अंग्रेज अफसरों मिस्टर बॉफ अैर मिस्टर हूयसन को काल के गाल में धकेल दिया थाl

source

रामटहल नाम का एक जमादार जो कि छावनी में ही खलासी का काम करता था उसने मंगल पाण्डे को यह चुनौती दी थी कि अब वो अपना धर्म नहीं बचा पाएंगे क्योंकि अंग्रेज सेना कारतूसों में गाय और सूअर की चर्बी का प्रयोग करेगीl अंग्रेजों द्वारा ऐसा किये जाने की अफवाहें पहले से ही सुनने को मिल रही थींl रामटहल की उस बात नें अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ मंगल पाण्डे के आक्रोश को और प्रखर कर दियाl वह जमादार कोलकाता की ही दमदम छावनी में खलासी का काम करता था, जहां कारतूस बनते थे इसलिए उसकी बात पर अविश्वास करने का कोई कारण नहीं थाl उस समय हमारे देश में अंग्रेजों के खिलाफ जनता का गुस्सा चरम पर था और क्रांति के लिए 31 मई 1857 की तारीख भी तय हुई थी, लेकिन मंगल पाण्डे ने पहले ही 29 मार्च, 1857 को बगावत कर दीl उनके द्वारा बैरकपुर छावनी में की गयी बगावत ने अंग्रेजों को सेना बुलानी पड़ गई थीl

अगले पेज पर जानें क्यों आज के दिन दी गई थी मंगल पाण्डे को फांसी और क्यों टूट गया था उनका भ्रम…

1 of 2

Loading...
Loading...