अटल बिहारी वाजपेयी ने की थी ये भविष्यवाणी….आज साबित हो रही है सच !

अटल बिहारी वाजपेयी के संघर्षमय जीवन, परिवर्तनशील परिस्थितियां, राष्ट्रव्यापी आन्दोलन और जेल-जीवन जैसे अनेकों आयाम के प्रभाव ने सदैव ही अभिव्यक्ति पाई है...

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जैसा की आप सभी जानते हैं कि अगर हमें किसी भी राजनेता को “भारतीय राजनीति का ग्रैंड ओल्ड मैन’ के पद से सम्मानित करना हो तो मेरी समझ से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ही सबकी पहली पसंद होंगे। अटल जी 9 बार लोकसभा के लिए और दो बार राज्यसभा के लिए चुने जा चुके हैं| शायद इन्हीं तमाम वजहों से अटल जी को भारतीय राजनीति के ‘भीष्म पितामह’ के रूप में भी जाना जाता है। अटल जी के आचरण और व्यक्तित्व ने न केवल समस्त देशवासियों का, बल्कि विपक्षी दलों का भी दिल जीता। ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है कि किसी भारतीय राजनीतिज्ञ को सच्चा आदमी या अच्छा व्यक्ति कहकर सम्बोधित किया गया हो।

हमेशा से एक अच्छे वक्ता रहते हुए, अटल जी ने अपने व्यक्तित्व कौशल से जवाहरलाल नेहरू को भी काफी प्रभावित किया था। यहाँ तक कि नेहरू ने भविष्यवाणी करते हुए कह दिया था कि एक दिन अटल जी आप भारत के प्रधानमंत्री ज़रूर होंगे।अटल बिहारी वाजपेयी का जन्‍म 25 दिसंबर 1924 को हुआ था|  इस दिन को भारत में बड़ा दिन कहा जाता है| अटल जी द्वारा किए गए काम आज भी चर्चा के केंद्र में रहते हैं| अटल बिहारी वाजपेयी ने सन् 1996 में प्रधानमंत्री के रूप में देश की बागडोर संभाली थी| सन् 1998 में पोखरण में परमाणु विस्‍फोट करके उन्‍होंने देश को दुनिया के कुछ गिने-चुने परमाणु संपन्‍न देशों में शुमार करवाया था| इसके बाद पोखरण में भारत का द्वितीय परमाणु परीक्षण कराया और उन्‍होंने अमेरिका की सीआईए को भनक तक नहीं लगने दी थी| जिसके बाद इस परमाणु परीक्षण की भी आलोचना की गयी और पूछा गया कि किस बात का खतरा था|आपको बता दें कि जब 1970 के समय में इंदिरा गाँधी के नेतृत्व में भी परमाणु परीक्षण हुआ जिसका अटल जी ने स्वागत किया था अटल जी दूसरी पार्टी के नेता थे वो भी चाहते तो इंदिरा जी की आलोचना कर सकते थे पर उन्होंने ऐसा नहीं किया क्योंकि उनको पता था कि यह कदम देश की रक्षा के लिए है| उनका कहना था कि क्या आत्मरक्षा की तैयारी तब ही होगी जब खतरा होगा? उनका मानना था कि अगर तैयारी पहले से हो तो खतरा अपने आप टल जाता है|

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