मणिकर्णिका घाट पर सजा यह अद्भुत दृश्य, शवों के बीच नाच-गाने की महफ़िल!

महाश्मशान पर नाच की यह परम्परा आज की नहीं बल्कि सैंकड़ो साल पुरानी है

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय छेत्र वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर वैसे तो हमेशा ही गम का वातावरण रहता है लेकिन मोक्ष की इस नगरी में स्थित इस घाट पर साल के एक दिन ऐसा भी होता है जब सब लोग गम को भूल कर नृत्य और संगीत के माहोल में खोकर खुश रहते हैं|

जलती चिताओं के बीच नगर की महिलाएं नृत्य करती हैं और बाबा महाश्मशान नाथ से सबके मोक्ष की प्रार्थना करती हैं| इस बार सोमा घोष जो की शाश्त्रिय संगीत की नामचीन गायिका हैं और जिन्हें पद्माश्री से भी सम्मानित किया जा चुका है, उन्होंने घाट पर प्रस्तुति दी और साथ ही नृत्यांगनाओं द्वारा नृत्य का प्रदर्शन भी किया गया|

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साल का यह वक्त वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर स्थित महाश्मशान पर बाबा महाश्मशान नाथ के श्रृंगार का होता है| इस अवसर पर मुक्ति का आशीर्वाद पाने के लिए यहाँ आने वाली नगर वधुएँ जलती चिता के बीच नाचती-गाती हैं|

प्रसिद्ध शास्त्रीय संगीत गायिका सोमा घोष ने कहा-“महाश्मशान पर नाच की यह परम्परा आज की नहीं बल्कि सैंकड़ो साल पुरानी है| कहा जाता है कि राजा मानसिंह ने जब महाश्मशान पर मौजूद इस मंदिर का जीर्णोद्धार कराया तब परम्परा अनुसार संगीत के आयोजन करने का प्रस्ताव रखा था|”                                                                         सोमा घोष कहती हैं कि-” खुद की प्रतिभा दिखाने का इससे हसीन मौका और नहीं मिल सकता है| जिंदगी का असली सच मौत है और हम जानते हैं कि दूर-दूर से लोग यहां आते हैं| उनकी ख्वाहिश होती है कि वे शिव को लेकर यहां से जाएंगे, जो खुद यहां विराजते हैं|”

देखिए बाबा महाश्मशान के श्रृंगार के लिए नृत्य प्रस्तुत करती हैं नगरवधुएं…

 

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